शिप्रा किरण

समीक्षक और साहित्यकर्मी 

 

हिंदी सिनेमा के बदलते परिदृश्य और बदलता दर्शक

14 November 2016

आज का हिन्दी सिनेमा तमाम तरह के स्टीरियोटाईप को तोड़ता है। सिनेमा का वर्तमान इसलिए भी आकर्षक है क्योंकि यह अपने समय की नब्ज़ को न सिर्फ पकड़ता है, बल्कि बिल्कुल ही-मैन वाले अंदाज़ में अपना प्रभा मंडल भी तैयार ...

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